भारत-चीन तनाव: 9 दौर की वार्ता से भी नहीं निकला हल: एस जयशंकर
नई दिल्ली
एक तरफ भारत कोरोना से लड़ रहा है तो दूसरी तरफ LAC पर चीन भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन सहित कोरोना के मु्द्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक चीन से 9 दौर की वार्ता हो चुकी है। जो आगे भी जारी रहेगी, लेकिन इसका कितना असर हुआ है ये बताना मुश्किल है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पिछले साल की घटनाओं के बाद भारतीय सेना ने बहुत बड़ी तादाद में सैनिकों को LAC पर तैनात किया, जो हर चुनौती का डटकर सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत और चीन के सैन्य कमांडरों ने अब तक 9 दौर की बैठकें की हैं, हमारा मानना है कि कुछ प्रगति हुई है, लेकिन हकीकत इसकी स्पष्ट नहीं है। उनके मुताबिक भविष्य में ऐसी वार्ताएं जारी रहेगी। आपको बता दें कि साल 2020 से ही चीन से भारत की सीमा को लेकर विवाद चल रहा है।
लेकिन राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों के कई दौरे की वार्ता के बाद भी इस विवाद का कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। चीन ने कई बार भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की, जिसका भारतीय सैनिकों ने डटकर सामना किया हैं। Aero India शो में चीन पर बरसे राजनाथ सिंह, कहा- अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है भारत अर्थव्यवस्था पर कही ये बात वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की अर्थव्यवस्था पर एस जयशंकर ने कहा कि हमारी उम्मीद है कि हम आने वाले साल में दो अंकों की 11% से अधिक की वृद्धि प्राप्त करेंगे। सरकार का मुद्दा कोरोना और इकोनॉमिक रिकवरी के बीच का है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हमारे लिए लोगों का स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस बार के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सेक्टर को ज्यादा प्राथमिकता दी है। जयशंकर ने बताया कि जब कोरोना महामारी भारत में आई तब कोई कोविड सेंटर नहीं थे, कोई पीपीई किट नहीं बनाता था, लेकिन आज देश में 16,000 कोविड सेंटर बनवाए गए हैं। वहीं मास्क और पीपीई किट बनाने वाली 1,000 कंपनी हैं।

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